क्यों द्रोपदी ने कुत्तों को दिया था बड़ा श्राप, जिस वजह से कुत्ते बनाते है खुले में संबंध !!

346

हम बात कर रहें है कि द्रोपदी ने आखिर कुत्तों को किस वजह से श्राप दिया कि उन्हें खुले में ही करना पड़ता है सहवास

 

जैसा कि आपको में बता दूं जब अर्जुन द्रोपदी से विवाह करके घर लाये तो उन्होंने सबसे पहले अपनी माता को यह शुभ समाचार दिया पर उनकी माता की एक गलती से अनर्थ हो गया कि उन्होंने अर्जुन और पांच पांडवों को कह दिया बेटा जो कुछ भी लाये हो पांचों भाई आपस में बांट लो

इसके बाद माता की आज्ञा का पालन करने के लिए द्रोपदी पर अधिकार पांचों पांडवों का बराबर- बराबर हो गया, उस दिन रात जब द्रोपदी की सुहारात थी तो आइए जानते है कि उस रात क्या हुआ कि द्रोपदी को कुत्तों को श्राप देना पड़ा।

उस रात द्रोपदी की सुहागरात के दिन जब वह बारी-बारी पांचों पांडवो के साथ अपना पत्नी धर्म निभा रही थी तो एक शर्त रखी गई कि जब एक पाण्ड के साथ द्रोपदी अपना पत्नी धर्म निभा रही हो तो दूसरे पांडव का कक्ष में आना वर्जित था।

इसकी निशानी ये रखी गई कि जब कोई पांडव कक्ष में हो तो वह अपना बटुख(चप्पल) कक्ष के बाहर निकले जिस से यह पता चल जाये कि कक्ष में कोई है।

इसी तरह अर्जुन के साथ द्रोपदी ने अपना पत्नी धर्म निभाया उसके बाद बारी आई युधिष्टिर की तब ही एक बहुत बड़ा अनर्थ हुआ कि बाहर से 2 कुत्ते आये और उनके बटुख उठा कर ले गए।

इतने में तीसरे पांडव आये और उन्होंने बटुख को ना पाया देख कक्ष में प्रवेश कर दिया। ओर उन्होंने दूसरे पांडव को एक साथ कक्ष में देख लिए इस पर द्रोपदी को बड़ा क्रोध आया।

उसी समय उस पांडव ने बटुख वाली बात बताई ओर उसी समय सारे पांडव महल के बाहर गए और उन्होंने देखा कि वो बटुख से कुत्ते खेल रहे है। कुत्तों की इस गलती के कारण उन्हें श्राप मिला कि आज के बाद तुम्हे खुले में सहवास करना पड़ेगा और दुनिया तुम्हे देखेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here