25 आतंकियों से अकेले ही लिया था लोहा, बहादुरी इतनी की मरते वक्त भी मार गिराए थे चार आतंकी !!

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नमस्कार दोस्तों..आज हम आप को इस आर्टिकल में भारतीय सेना के बारे में बताने जा रहे है। भआप तो जानते ही होंगे कि भारतीय सेना के जवान किसी भी मामले में किसी से कम नहीं है। और हमारे देश की सेना ने हमेंशा से ही हमारे देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर भी किए है।

 

बता दें कि कई बार कई नेता सिर्फ अपने वोटों के लिए भारतीय सेना के खिलाफ ऐसा बयान देते है। जिस से आम आदमी का खुन ही खौल जाए। लेकिन आज हम सेना के एक ऐसे ही सिपाही के बारे में बताने जा रहे है। जिससे उनका भी मुंह बंद हो जाएगा।

आप लोगों ने शायद मेजर मोहित शर्मा का नाम सुना ही होगा। बता दें कि मोहित शर्मा ने अपने दो साथियों को बचाते हुए 25 आतंकियों से लोहा लिया था। 13 जनवरी को उनका जन्मदिन था।

जानकारी के अनुसार बता दें कि मोहित शर्मा का जन्म 13 जनवरी 1978 को मेरठ जिले के रासना गांव में हुआ था। आप को जानकर हैरानी होगी लेकिन बता दें कि इन के माता पिता इनको इंजीनियर बनाना चाहते थे। यह एंट्रेस देकर पास भी हो गए थे।

लेकिन इनमें देश के लिए जज्बा बचपन से ही था। और इन्होंने एनडीए का एंट्रेस पेपर भी दिया। और उसमें इन का सिलेक्शन हो गया। और यह देश की सेवा में जूट गए। यह मेजर से कैप्टन 2009 में बन गए थे।

आप को बता दें कि 2009 में अपनी टीम के साथ यह कुपवाडा के हफरुदा जंगल में आतंकियों के होने की सूचना इन्हें मिली। और इन्होंने अपनी टीम के साथ जंगल में केम्प लगाया। औऱ 21 मार्च को उनकी मुठभेड आतंकियों से शुरु हो गई।

इस मुठभेड में इन्हें गोली लग गई। और इन के दो साथियों को भी गोली लग गई। ऐसे में इन्होंने अपने दोनों साथियों को वहां से निकाला।

गोली लगने का बाद भी ग्रेनेड फेंककर 4 आतंकियों को मार गिराकर खुद वीर गति को प्राप्त हो गए। इस मुठभेड में सेना के मेजर सहित 8 जवान शहीद हो गए थे। उस के बाद उन्हें वीर चक्र से भी सम्मानित किया गया था।

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